प्राचीन मथुरा की खोज-भाग पांच

भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा नगरी सच में तीन लोक से न्यारी है। आमजन इसकी कहानी को बस श्रीकृष्ण से […]

प्राचीन मथुरा की खोज-भाग चार

भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा नगरी सच में तीन लोक से न्यारी है। आमजन इसकी कहानी को बस श्रीकृष्ण से […]

प्राचीन मथुरा की खोज-भाग तीन

भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा नगरी सच में तीन लोक से न्यारी है। आमजन इसकी कहानी को बस श्रीकृष्ण से […]

प्राचीन मथुरा की खोज-भाग दो

भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा नगरी सच में तीन लोक से न्यारी है। आमजन इसकी कहानी को बस श्रीकृष्ण से […]

प्राचीन मथुरा की खोज-भाग एक

भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा नगरी सच में तीन लोक से न्यारी है। आमजन इसकी कहानी को बस श्रीकृष्ण से […]

गोवर्धन में भरतपुर के राजाओं की छतरियां

गोवर्धन और गिरिराज के प्रति भरतपुर के राजाओं की अगाध श्रद्धा थी। उन्होंने बड़े मन से इस नगर को संवारा […]

ढोला-मारू की कहानी का ब्रज में आगमन

पिछले एक लेख में हमने राजस्थान के एक प्रसिद्ध लोककाव्य ढोला-मारू के बारे में चर्चा की थी। वस्तुतः यह एक […]

श्रीनाथजी का प्राकट्य और ब्रज से सिंहाड़ तक की यात्रा

गोवर्धन की सप्तकोसी परिक्रमा में एक गांव है जतीपुरा। इस जतीपुरा को पुराने समय में गोपालपुर कहते थे। यहां मध्यकाल […]

भरतपुर के राजाओं के शानदार हमाम

हमाम यानी स्नानघर। दुनिया में हमाम हजारों वर्ष पहले से प्रचलन में हैं। सिंधु घाटी की हड़प्प सभ्यता की खुदाई […]

भरतपुर के राजा सूरजमल का लोहागढ़ किला

महाराजा सूरजमल को अपने किलों की मजबूती पर बड़ा नाज था। हो भी क्यों न? इन किलों ने समय आने […]

मानसी गंगा श्रीहरदेव, गिरवर की परक्कमा देव

मानसी गंगा श्री हरदेव, गिरवर की परिकम्मा देव। कुंड कुंड चरणामृत लेव, अपनो जनम सफल कर लेव।। गोवर्धन में गिरिराज […]

सूरजमल की महारानी किशोरी का महल

भरतपुर के किले का नाम लोहागढ़ है। महाराजा सूरजमल के बनवाये इस महल का मुख्य भाग है किशोरी महल। किशोरी […]

सूरजमल की शान का प्रतीक कुम्हेर का किला

कुम्हेर का किला महाराजा सूरजमल की फौलादी शक्ति का जीता जागता प्रमाण है। इस किले ने अपनी मजबूती और अजेयता […]

भरतपुर के किले का जवाहर बुर्ज

भरतपुर के किले का नाम लोहागढ़ है। इस किले की बाहरी रक्षा दीवार पर आठ बुर्ज हैं। इन बुर्जों में […]

आर्यन पेशवा राजा महेंद्र प्रताप

द्वितीय विश्वयुद्ध में अंग्रेजों को घिरा हुआ देखकर उस परिस्थिति का लाभ उठाकर भारत को स्वतंत्र कराने का स्वप्न नेताजी […]

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