गोवर्धन में मानसी गंगा की परिक्रमा

गोवर्धन ब्रजमंडल का एक महत्वपूर्ण स्थान है। यहां के गिरिराज पर्वत को ही श्रीकृष्ण ने अपनी उंगली पर उठाया था। […]

महात्मा सूरदास की समाधि के दर्शन

श्रीनाथ जी के मन्दिर के मुख्य कीर्तनकार नियुक्त किये जाने के बाद से सूरदास हर दिन एक पद रचकर उन्हें […]

बरसाना आएं तो परिक्रमा अवश्य लगाएं

ब्रज के धर्म स्थलों पर परिक्रमा का महत्व होता है। गोवर्धन की गिरिराज परिक्रमा तो बहुत प्रसिद्ध है। मथुरा, वृंदावन […]

मोती कुंड नंदगांव

नंदगांव का कण कण श्रीकृष्ण की लीलाओं का साक्षी है। यहां श्रीकृष्ण की हर उस लीला के चिन्ह हैं जिनका […]

आसेश्वर महादेव नंदगांव

आसेश्वर नाम से ही झलकता है कि यह स्थान आशा पूर्ति से संबंधित है। पर यह आशा है किसकी?सबकी आशाओं […]

टेर कदम्ब नंदगांव

टेर लगाना यानी आवाज लगाना या पुकारना। श्रीकृष्ण जब गाएं चराने वन में जाते थे तो एक कदम्ब के वृक्ष […]

सुनहरा की कदम्बखण्डी

आज हम जिस पवित्र स्थल के बारे में बात कर रहे हैं वह है कदम्बखण्डी। कदम्बखण्डी यानी कदम्ब के वृक्षों […]

पावन सरोवर, नंदगांव

नंदगांव ब्रज का ऐसा स्थान है जो प्राकृतिक संसाधनों से सम्पन्न है। ब्रज भक्ति विलास ग्रंथ के अनुसार यहां 56 […]

त्योहार नहीं संस्कृति है होली

अन्य स्थानों पर होली महज एक त्योहार है जो रंग-गुलाल से एक दूसरे को तर करके मना लिया जाता है […]

दोमिल वन : जहां मिलते थे राधा-कृष्ण

बरसाना और नंदगांव के बीच स्थित है संकेत वन। संकेत राधा कृष्ण की प्रथम मिलन स्थली है। संकेत वन के […]

वो कुंड जिसमें राधा रानी ने धोए हल्दी से रंगे हाथ

बरसाना राधारानी का गांव है। यहां उनके माता-पिता के नाम पर अलग-अलग कुंड हैं। ये कुंड वृषभानु कुंड और कीर्ति […]

दानी और भक्त सेठ हरगुलाल बेरीवाला

ब्रज में धार्मिक कार्यों के लिए धन का दान करने वाले बहुत सेठ हुए हैं। यहां का हर धर्मस्थल अपने […]

भक्त, भिक्षुक और जमींदार ‘लाला बाबू’

ब्रज में एक ऐसे भी भक्त का आगमन जो खानदानी जमींदार थे। इन्होंने यहां मन्दिर, धर्मशाला, अन्नक्षेत्र बनवाये। इनकी व्यवस्था […]

नंदीश्वर पर्वत पर बने नंदभवन की शोभा है न्यारी

नंदगांव को भला कौन नहीं जानता? ब्रजवास के दौरान श्रीकृष्ण ने यहीं निवास किया था। उनकी अनेक लीलाओं के साक्षी […]

श्रीकृष्ण के जीवन की घटनाओं का कालक्रम

श्रीकृष्ण के जीवन की प्रमुख घटनाओं का कालक्रम : 1. जन्म और गोकुल आगमन।(संवत 3128 विक्रमी पूर्व, भाद्रपद कृष्ण 8, […]

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