भरतपुर राज्य के दरबारी कवि (भाग दो)

पिछले भाग में हमने भरतपुर राज्य के मुख्य दरबारी कवियों में से महाकवि सूदन, आचार्य सोमनाथ, कलानिधि भट्ट, शिवराम, कृष्ण […]

वैर की कहानी : भाग दो

वैर की कहानी के पिछले भाग में हमने वैर की अवस्थिति, नामकरण, जाट शासन के दौरान प्रशासनिक प्रबन्ध, दुर्ग निर्माण, […]

भरतपुर राज्य के दरबारी कवि (भाग एक)

भरतपुर दरबार ने बड़ी संख्या में कवियों और साहित्यकारों को आश्रय दिया। यहां के अधिकांश शासक साहित्यानुरागी थे। राज्य के […]

देवमाली, ऐसा गांव जहां के लोग नहीं बनाते पक्के मकान

अजमेर जिले के मसूदा ब्लॉक में एक गांव है जहां के आज के युग में भी कच्चे मकानों में रहते […]

लोकदेवता देवनारायण जी

देवनारायण राजस्थान समेत गुजरात, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के सर्वाधिक लोकप्रिय लोकदेवताओं में से एक हैं। इन्हें भगवान विष्णु का […]

ब्रज संस्कृति शोध संस्थान : एक परिचय

ब्रज संस्कृति शोध संस्थान, वृन्दावन के एक आयोजन के दौरान मंचासीन अतिथिगण।

शायर कहो नज़ीर कहो आगरे का है…

            नजीर अकबराबादी! एक ऐसा शायर जिसकी रचनाएं अवाम की आवाज बुलन्द करती हैं। नजीर उस दौर के इकलौते शायर […]

बरसाना की मटकी फोड़ लीला का संदेश

राधा जी की छठी पूजन के दिन बरसाना की सांकरी खोर में परंपरागत रूप से मटकी फोड़ लीला का आयोजन […]

वैर की कहानी : भाग एक

“वैर की शोभा निराली है! चतुर्दिक वृक्ष गुल्म, अनेकों बाग, सरोवर विद्यमान हैं! चतुर्वर्ण के शूरवीर यहां निवास करते हैं! […]

बयाना का इतिहास

बयाना एक अत्यंत प्राचीन स्थान है जो हमेशा से अपना खासा ऐतिहासिक महत्त्व रखता है। यह उन चुनिंदा स्थानों में […]

तिलपत का इतिहास और गोकला का विद्रोह

मुगल सत्ता के खिलाफ ब्रज क्षेत्र के किसानों का नेतृत्व करते हुए अपने जीवन को बलिदान करने वाले वीर गोकला […]

लोकदेवता मेहाजी मांगलिया

मेहाजी मांगलिया पँचपीरों में से एक हैं। हिन्दू और मुसलमान दोनों ही समुदायों के लोग इनकी पूजा करते हैं। इनकी […]

दक्षिण की मीरा आंडाल की भक्ति अनुकरणीय

संपूर्ण विश्व को एकता के सूत्र में पिरोने वाला स्रोत भक्ति ही है ।भक्ति देश ही नहीं वरन विश्व में […]

मुरीदे कुतुबुद्दीन हूँ

मुरीदे कुतुबुद्दीन हूँ खाक-पाए फखरेदीं हूँ मैं, अगर्चे शाह हूँ, उनका गुलामे-कमतरी हूँ मैं। बहादुर शाह मेरा नाम है मशहूर […]

कभी आबाद घर यां थे

जहां वीराना है, पहले कभी आबाद घर यां थे, शगाल अब हैं जहां बसते, कभी रहते बशर यां थे। जहां […]

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