ढोला-मारू की कहानी का ब्रज में आगमन

पिछले एक लेख में हमने राजस्थान के एक प्रसिद्ध लोककाव्य ढोला-मारू के बारे में चर्चा की थी। वस्तुतः यह एक […]

श्रीनाथजी का प्राकट्य और ब्रज से सिंहाड़ तक की यात्रा

गोवर्धन की सप्तकोसी परिक्रमा में एक गांव है जतीपुरा। इस जतीपुरा को पुराने समय में गोपालपुर कहते थे। यहां मध्यकाल […]

गोवर्धन में मानसी गंगा की परिक्रमा

गोवर्धन ब्रजमंडल का एक महत्वपूर्ण स्थान है। यहां के गिरिराज पर्वत को ही श्रीकृष्ण ने अपनी उंगली पर उठाया था। […]

ढोला और मारू की अमर प्रेम कहानी

राजस्थान में एक प्रेम कथा सबकी जुबान पर होती है। ये कथा है राजकुमार साल्ह कुमार और राजकुमारी मारूवणी के […]

भरतपुर के राजाओं के शानदार हमाम

हमाम यानी स्नानघर। दुनिया में हमाम हजारों वर्ष पहले से प्रचलन में हैं। सिंधु घाटी की हड़प्प सभ्यता की खुदाई […]

भरतपुर के राजा सूरजमल का लोहागढ़ किला

महाराजा सूरजमल को अपने किलों की मजबूती पर बड़ा नाज था। हो भी क्यों न? इन किलों ने समय आने […]

मानसी गंगा श्रीहरदेव, गिरवर की परक्कमा देव

मानसी गंगा श्री हरदेव, गिरवर की परिकम्मा देव। कुंड कुंड चरणामृत लेव, अपनो जनम सफल कर लेव।। गोवर्धन में गिरिराज […]

सूरजमल की महारानी किशोरी का महल

भरतपुर के किले का नाम लोहागढ़ है। महाराजा सूरजमल के बनवाये इस महल का मुख्य भाग है किशोरी महल। किशोरी […]

महात्मा सूरदास की समाधि के दर्शन

श्रीनाथ जी के मन्दिर के मुख्य कीर्तनकार नियुक्त किये जाने के बाद से सूरदास हर दिन एक पद रचकर उन्हें […]

सूरजमल की शान का प्रतीक कुम्हेर का किला

कुम्हेर का किला महाराजा सूरजमल की फौलादी शक्ति का जीता जागता प्रमाण है। इस किले ने अपनी मजबूती और अजेयता […]

भरतपुर के किले का जवाहर बुर्ज

भरतपुर के किले का नाम लोहागढ़ है। इस किले की बाहरी रक्षा दीवार पर आठ बुर्ज हैं। इन बुर्जों में […]

बरसाना आएं तो परिक्रमा अवश्य लगाएं

ब्रज के धर्म स्थलों पर परिक्रमा का महत्व होता है। गोवर्धन की गिरिराज परिक्रमा तो बहुत प्रसिद्ध है। मथुरा, वृंदावन […]

मोती कुंड नंदगांव

नंदगांव का कण कण श्रीकृष्ण की लीलाओं का साक्षी है। यहां श्रीकृष्ण की हर उस लीला के चिन्ह हैं जिनका […]

आसेश्वर महादेव नंदगांव

आसेश्वर नाम से ही झलकता है कि यह स्थान आशा पूर्ति से संबंधित है। पर यह आशा है किसकी?सबकी आशाओं […]

टेर कदम्ब नंदगांव

टेर लगाना यानी आवाज लगाना या पुकारना। श्रीकृष्ण जब गाएं चराने वन में जाते थे तो एक कदम्ब के वृक्ष […]

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