दो खामोश आंखें – 16 Posted on 2nd February 2011 by Yogendra Singh Chhonkar योगेन्द्र सिंह छोंकर सामने रहकर न हुआ कभी जिस प्यास का अहसास उसे बुझाने दुबारा कभी मेरे पहलु में आएँगी दो खामोश ऑंखें
साहित्य पूर्वजन्म के कर्ज की वसूली Yogendra Singh Chhonkar 3rd March 2024 0 (कहते हैं अपने पापों की सजा आदमी को इसी जीवन में भुगतनी पड़ती है) हिंदी कहानी पायल कटियार शादी के दस साल बीत जाने पर […]
साहित्य दो खामोश आंखें – 22 Yogendra Singh Chhonkar 2nd February 2011 0 योगेन्द्र सिंह छोंकर जाकर मुझ से दूर न छीन पायीं मेरा सुकूं शायद इसलिए मुझसे दूर हो गयीं दो खामोश ऑंखें
साहित्य श्री हनुमान चालीसा Yogendra Singh Chhonkar 28th April 2020 0 दोहा श्रीगुरु चरन सरोज रज निज मनु मुकुरु सुधारि । बरनउँ रघुबर बिमल जसु जो दायकु फल चारि ॥ बुद्धिहीन तनु जानिके सुमिरौं पवन-कुमार । […]