दो खामोश आंखें – 29 Posted on 2nd February 2011 by Yogendra Singh Chhonkar योगेन्द्र सिंह छोंकर चंद गहने रुपये रंगीन टीवी या किसी दुपहिया की खातिर जल भी जाती हैं दो खामोश ऑंखें
साहित्य पति की मृत्यु की तैयारी Yogendra Singh Chhonkar 18th October 2024 0 हिंदी कहानी पायल कटियार (हिंदी लेखिका) सावित्री अपने पति को मृत्यु के मुंह से छीनकर निकाल लाती है। यमराज उससे हार जाते हैं और उसके […]
साहित्य दो खामोश आंखें – 3 Yogendra Singh Chhonkar 28th January 2011 0 योगेन्द्र सिंह छोंकर तेरे जाने का ख्याल मुझे दहशत नहीं देता मत समझना मैं तुम्हे दिल से नहीं लेता न होऊंगा उदास पर करूँगा तलाश […]
साहित्य मजदूर के लिए 2 Yogendra Singh Chhonkar 5th March 2011 0 योगेन्द्र सिंह छोंकर ओ मेरी रहनुमाई के दावेदारों जरा सुनो मेरी आवाज़ नहीं चाहिए मुझे धरती का राज गर सो सके तो करा दो सुलभ […]