मथुरा जिले से प्रकाशित पुराने पत्र पत्रिकाएं


मथुरा जिले के सबसे पहले प्रकाशित होने वाला पत्र था नैरंग मज़ामिन (Nairang Mazamin), जो एक मासिक अखबार था यह 1883 ई. में प्रकाशित हुआ। 1900 ई. में मथुरा में चार समाचार पत्र प्रकाशित होने शुरू हुए पर इनका प्रसार बेहद कम था और पाठकों की कमी के चलते इनका प्रकाशन नियमित नहीं हो पाया। इन्ही दिनों सुदर्शन प्रेस से निगम आगम सोसाइटी की पत्रिका निगम आगम चंद्रिका निकाली गई, यह धार्मिक पत्रिका हर दो माह में प्रकाशित होती थी। मदन गोपाल प्रेस वृन्दावन से हिंदी मासिक उपन्यास प्रचार निकाली गई। प्रेम महाविद्यालय हिंदी साप्ताहिक पत्रिका प्रेम हर बुधवार को निकलती थी। राम नारायण प्रेस मथुरा से हिंदी मासिक भार्गव पत्रिका का प्रकाशन शुरू हुआ। फाइन आर्ट्स प्रेस वृन्दावन से हिंदी-बंगाली में आचार्य नामक द्वैमासिक पत्रिका निकलनी शुरू हुई। इसी प्रेस से कृष्ण चैतन्य चंद्रिका नाम से एक हिंदी मासिक पत्रिका शुरू हुई। इन्हीं दिनों मदन गोपाल प्रेस वृन्दावन से बनौषधि प्रकाश नाम से एक हिंदी मासिक पत्रिका शुरू हुई जो वनस्पति शास्त्र पर आधारित थी। 

जिले से प्रकाशित दैनिक पत्र पत्रिकाएं

आजादी के बाद इस क्षेत्र में तरक्की देखने को मिली। 1954 में नव भारत और 1959 में अमर उजाला का मथुरा से प्रकाशन शुरू हुआ, ये दोनों ही दैनिक अखबार थे। 1964 में कर्मठ किसान नाम से एक हिंदी दैनिक सादाबाद से शुरू हुआ। 

साप्ताहिक पत्र पत्रिकाएं

जैन संदेश (1951), अहिंसा (1954), जनता (1956), नई उमंग (1956), जाट वीर (1956), झोंपड़ी (1957), गीता संदेश साप्ताहिक (1957), नया मजदूर (1958), नई लहर (1959), ब्रज वाणी (1959), ब्रज संदेश (1960), युग समाचार( 1960), बुनकर (1960), गीता समाचार (1961), वीणा की झंकार (1961), यमुना टाइम्स (1962), प्रोफेसर (1963), ठोकर (1963), ब्रज केंद्र (1963), जगत टाइम्स (1963), ब्रज केसरी (1964), हिलोरें (1964), मथुरा टाइम्स (1964), वृन्दावन समाचार (1964), अग्रनीति (1964) और सदमार्ग (1964) जैसे साप्ताहिक पत्र पत्रिकाओं का हिंदी में प्रकाशन शुरू हुआ।

पाक्षिक पत्र पत्रिकाएं

उस दौरान वीर सन्देश (1954), व्यापार पत्रिका (1956), जीवन युग (1959), महिला जागरण (1959), जाट वीर (1960), ब्रजवासी (1960), ब्रज सहकारिता (1961), ब्रज वाणी (1963), युग निर्माण योजना (1964), मथुरा समाचार (1964) और गुरू बानी (1964) का प्रकाशन शुरू हुआ। ये सब पाक्षिक पत्र पत्रिकाएं थे। 

मासिक पत्र पत्रिकाएं

इसी दौरान जिले में 32 हिंदी मासिक पत्र पत्रिकाओं का भी प्रकाशन शुरू हुआ। धर्म ज्योति (1954), विश्व कल्याण (1954), भारतीय शब्द प्रतियोगिता (1954), ऋषि जीवन (1956), छात्र बन्धु (1956), पौराणिक गाथाएं (1956), धार्मिक ग्रंथ प्रचारक (1956), प्रेम संदेश (1956), शिक्षक (1957), जाट केसरी (1957), व्यापारिक आकाश वाणी (1957), साधन (1957), गायत्री परिवार पत्रिका (1958), जैसवाल जैन (1958), ब्रज भारती (1958), हित संदेश (1959), नई ब्राह्मण (1959), सुनीता (1960), झलकियां (1960), पंचवाणी (1960), श्री भागवत पत्रिका (1961), सावन भादों (1961), अखंड ज्योति (1961), खादी ग्रामोदय संघ (1962), घरेलू व्यापार पत्रिका (1962), तपो भूमि (1962), संसार संघ (1963), हित सुधा (1963) और शिक्षक संसार (1964) आदि इनमें से प्रमुख थे। चतुर्वेदी समाचार भी एक हिंदी मासिक था जो 1959 में प्रकाशित होना शुरू हुआ पर 1960 में इसका प्रकाशन बन्द हो गया।

द्विमासिक पत्र पत्रिकाएं

भागवत विमर्श एक मात्र हिंदी द्वैमासिक था जो 1963 में वृन्दावन से प्रकाशित होना शुरू हुआ। 

त्रैमासिक पत्र पत्रिकाएं

हिंदी त्रैमासिकों में चतुर श्रेणी वैश्य (1957), सन्देश (1957), नाद सुधा (1957), जैन संदेश शोधनक (1958) और सावन भादों (1959) थे जो मथुरा से प्रकाशित हुए ; गौतम ब्राह्मण पत्रिका (1959) और गौतम (1959) का प्रकाशन वृन्दावन से शुरू हुआ।

अर्द्ध वार्षिक पत्र पत्रिकाएं

1961 में मथुरा से ब्रज दर्शन नाम से एक हिंदी अर्द्ध वार्षिक पत्रिका का प्रकाशन शुरू हुआ।

वार्षिक पत्र पत्रिकाएं

ग्रामलोक (1959), कौमुदी (1955), ज्योत्सना (1956), शिशु गांडीव (1958) और दिव्यलोक (1960) जिले से प्रकाशित होने वाली वार्षिक पत्रिकाएं थीं।

अन्य भाषाओं के पत्र पत्रिकाएं

इतहाद-ए-दुनिया 1956 में वृन्दावन से प्रकाशित होने वाला जिले का एक मात्र उर्दू मासिक प्रकाशन था।वर्ल्ड फेडरेशन (1963) वृन्दावन से और साधन (1964) मथुरा से प्रकाशित हुए। ये उन दिनों जिले के कुल दो अंग्रेजी मासिक प्रकाशन थे।

हिंदी-अंग्रेजी भाषा के पत्र पत्रिकाएं 

विचार सेर (1954) पाक्षिक, श्री शंकराचार्य उपदेशामृत (1961) मासिक तथा जॉर्नल ऑफ एजुकेशन (1959) अर्द्ध वार्षिक मथुरा से प्रकाशित हुए।ब्रज वीणा (1959) छाता से, नव प्रभात (1959) बिसावर से, ब्रज माधुरी (1963) मांट से, पांचजन्य (1963) और प्रेम भारती (1963) वृन्दावन से प्रकाशित हुए। भारती (1960), पीताम्बर (1960), जवाहर ज्योति (1960) मथुरा से प्रकाशित हुए। इनके अलावा मोरकी (1964), ग्राम सेवक पत्रिका (1964), गांधी गौरव (1964) और प्रभात (1964) भी प्रकाशित हुए। ये सभी हिंदी-अंग्रेजी के वार्षिक प्रकाशन थे।

अन्य भाषाओं के प्रकाशन

ब्रज माधुरी (1959) वृन्दावन से प्रकाशित होने वाली मासिक पत्रिका थी जो हिंदी-अंग्रेजी-बंगाली-गुजराती भाषा की थी। एक अन्य द्वैमासिक पत्रिका वृन्दावन से शुरू हुई, श्रीमद बल्लभ प्रकाश (1959), जो हिंदी-गुजराती भाषा में थी।ज्ञान गंगा (1963) कोसी से, ब्रजेश्वरी (1964) बरसाना से और गांधी जोती (1964) ये हिंदी-अंग्रेजी-संस्कृत भाषा के वार्षिक प्रकाशन थे। नेपाली छात्र संघ वृन्दावन द्वारा नेपाली में वार्षिक पत्रिका हिम ज्योति (1964) का प्रकाशन शुरू कराया गया।

पर्यावरण गीत

आओ हम सब मिल कर आज ये संकल्प उठाये वसन विहीन वसुंधरा को एक चादर हरी उढ़ाए रहे सदा से […]

गाँधीजी की ब्रज यात्राएं

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का ब्रज से लगाव रहा। वे कई बार यहां आए। इस वर्ष जब सारा राष्ट्र उनकी 150 […]

Leave a Reply

error: Content is protected !!