जैसा कि हम जानते हैं कि बरसाना में स्थित पहाड़ी को ब्रह्मांचल नाम दिया गया है। मान्यता है कि ब्रह्माजी स्वयं श्रीराधा-कृष्ण की लीलाओं का […]
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सांझी लोक परम्परा से देवालयी परम्परा बनी
सांझी मूलतः एक लोक परम्परा है। यह कनागतों में उत्तर भारत के तमाम स्थानों पर किशोरियों द्वारा गोबर, फूल, पत्ती, रंग आदि से आकृति उकेरने […]
नंदा देवी की लोकयात्रा
नंदा देवी की महत्ता मान्यता है कि नंदा देवी गढ़वाल के राजाओं के साथ-साथ कुँमाऊ के कत्युरी राजवंश की ईष्टदेवी थी। इष्टदेवी होने के कारण […]
व्रज से ब्रज तक !
ब्रजभूमि का प्राण है श्रीराधाकृष्ण तत्व, इसी लिए यह भूमि सदैव से ही भारतीय साधकों के लिए आकर्षण का केन्द्र रही है ! ब्रज भारतीय […]
गोवर्धन में भरतपुर के राजाओं की छतरियां
गोवर्धन और गिरिराज के प्रति भरतपुर के राजाओं की अगाध श्रद्धा थी। उन्होंने बड़े मन से इस नगर को संवारा और तमाम निर्माण कराए। बहुत […]
ढोला-मारू की कहानी का ब्रज में आगमन
पिछले एक लेख में हमने राजस्थान के एक प्रसिद्ध लोककाव्य ढोला-मारू के बारे में चर्चा की थी। वस्तुतः यह एक प्रेम कथा है जो राजपुताना […]
श्रीनाथजी का प्राकट्य और ब्रज से सिंहाड़ तक की यात्रा
गोवर्धन की सप्तकोसी परिक्रमा में एक गांव है जतीपुरा। इस जतीपुरा को पुराने समय में गोपालपुर कहते थे। यहां मध्यकाल में श्रीनाथजी का प्राकट्य हुआ […]
गोवर्धन में मानसी गंगा की परिक्रमा
गोवर्धन ब्रजमंडल का एक महत्वपूर्ण स्थान है। यहां के गिरिराज पर्वत को ही श्रीकृष्ण ने अपनी उंगली पर उठाया था। यहां की हर पर्वत शिला […]
ढोला और मारू की अमर प्रेम कहानी
राजस्थान में एक प्रेम कथा सबकी जुबान पर होती है। ये कथा है राजकुमार साल्ह कुमार और राजकुमारी मारूवणी के प्रेम की। इस कथा में […]
भरतपुर के राजाओं के शानदार हमाम
हमाम यानी स्नानघर। दुनिया में हमाम हजारों वर्ष पहले से प्रचलन में हैं। सिंधु घाटी की हड़प्प सभ्यता की खुदाई में मोहन जोदड़ो स्थान पर […]
भरतपुर के राजा सूरजमल का लोहागढ़ किला
महाराजा सूरजमल को अपने किलों की मजबूती पर बड़ा नाज था। हो भी क्यों न? इन किलों ने समय आने पर अपनी मजबूती को साबित […]
मानसी गंगा श्रीहरदेव, गिरवर की परक्कमा देव
मानसी गंगा श्री हरदेव, गिरवर की परिकम्मा देव। कुंड कुंड चरणामृत लेव, अपनो जनम सफल कर लेव।। गोवर्धन में गिरिराज की परिक्रमा के दौरान यह […]
सूरजमल की महारानी किशोरी का महल
भरतपुर के किले का नाम लोहागढ़ है। महाराजा सूरजमल के बनवाये इस महल का मुख्य भाग है किशोरी महल। किशोरी महल महारानी किशोरी का निवास […]
महात्मा सूरदास की समाधि के दर्शन
श्रीनाथ जी के मन्दिर के मुख्य कीर्तनकार नियुक्त किये जाने के बाद से सूरदास हर दिन एक पद रचकर उन्हें सुनाते थे। इन पदों में […]
सूरजमल की शान का प्रतीक कुम्हेर का किला
कुम्हेर का किला महाराजा सूरजमल की फौलादी शक्ति का जीता जागता प्रमाण है। इस किले ने अपनी मजबूती और अजेयता हर बार साबित की थी। […]
