मानगढ़, जहां कृष्ण से रूठकर जा बैठीं थीं राधा रानी

जैसा कि हम जानते हैं कि बरसाना में स्थित पहाड़ी को ब्रह्मांचल नाम दिया गया है। मान्यता है कि ब्रह्माजी स्वयं श्रीराधा-कृष्ण की लीलाओं का […]

सांझी लोक परम्परा से देवालयी परम्परा बनी

सांझी मूलतः एक लोक परम्परा है। यह कनागतों में उत्तर भारत के तमाम स्थानों पर किशोरियों द्वारा गोबर, फूल, पत्ती, रंग आदि से आकृति उकेरने […]

व्रज से ब्रज तक !

ब्रजभूमि का प्राण है श्रीराधाकृष्ण तत्व, इसी लिए यह भूमि सदैव से ही भारतीय साधकों के लिए आकर्षण का केन्द्र रही है ! ब्रज भारतीय […]

गोवर्धन में भरतपुर के राजाओं की छतरियां

गोवर्धन और गिरिराज के प्रति भरतपुर के राजाओं की अगाध श्रद्धा थी। उन्होंने बड़े मन से इस नगर को संवारा और तमाम निर्माण कराए। बहुत […]

श्रीनाथजी का प्राकट्य और ब्रज से सिंहाड़ तक की यात्रा

गोवर्धन की सप्तकोसी परिक्रमा में एक गांव है जतीपुरा। इस जतीपुरा को पुराने समय में गोपालपुर कहते थे। यहां मध्यकाल में श्रीनाथजी का प्राकट्य हुआ […]

गोवर्धन में मानसी गंगा की परिक्रमा

गोवर्धन ब्रजमंडल का एक महत्वपूर्ण स्थान है। यहां के गिरिराज पर्वत को ही श्रीकृष्ण ने अपनी उंगली पर उठाया था। यहां की हर पर्वत शिला […]

मानसी गंगा श्रीहरदेव, गिरवर की परक्कमा देव

मानसी गंगा श्री हरदेव, गिरवर की परिकम्मा देव। कुंड कुंड चरणामृत लेव, अपनो जनम सफल कर लेव।। गोवर्धन में गिरिराज की परिक्रमा के दौरान यह […]

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