हुमायूंनामा और गुलबदन बेगम

गुलबदन बेगम द्वारा लिखित हुमायूंनामा मुगलों के इतिहास के अध्ययन का एक प्रमुख स्रोत है। यह पुस्तक गुलबदन बेगम ने लिखी थी। गुलबदन बेगम हुमांयू की छोटी बहन थी। यह पुस्तक लंबे समय तक अज्ञात रही और बाद में प्रकाशित हुई।

भरतपुर राज्य के दरबारी कवि (भाग दो)

पिछले भाग में हमने भरतपुर राज्य के मुख्य दरबारी कवियों में से महाकवि सूदन, आचार्य सोमनाथ, कलानिधि भट्ट, शिवराम, कृष्ण कवि, अखैराम, भोलानाथ शुक्ल आदि […]

वैर की कहानी : भाग दो

वैर की कहानी के पिछले भाग में हमने वैर की अवस्थिति, नामकरण, जाट शासन के दौरान प्रशासनिक प्रबन्ध, दुर्ग निर्माण, सुरक्षा व्यवस्था आदि पर चर्चा […]

भरतपुर राज्य के दरबारी कवि (भाग एक)

भरतपुर दरबार ने बड़ी संख्या में कवियों और साहित्यकारों को आश्रय दिया। यहां के अधिकांश शासक साहित्यानुरागी थे। राज्य के संस्थापक राज बदनसिंह स्वयं सरस् […]

लोकदेवता देवनारायण जी

देवनारायण राजस्थान समेत गुजरात, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के सर्वाधिक लोकप्रिय लोकदेवताओं में से एक हैं। इन्हें भगवान विष्णु का अवतार भी माना जाता है। […]

शायर कहो नज़ीर कहो आगरे का है…

            नजीर अकबराबादी! एक ऐसा शायर जिसकी रचनाएं अवाम की आवाज बुलन्द करती हैं। नजीर उस दौर के इकलौते शायर हैं जिनकी शायरी दरबारों के […]

वैर की कहानी : भाग एक

“वैर की शोभा निराली है! चतुर्दिक वृक्ष गुल्म, अनेकों बाग, सरोवर विद्यमान हैं! चतुर्वर्ण के शूरवीर यहां निवास करते हैं! विशाल महल तथा गढ़ सौंदर्य […]

बयाना का इतिहास

बयाना एक अत्यंत प्राचीन स्थान है जो हमेशा से अपना खासा ऐतिहासिक महत्त्व रखता है। यह उन चुनिंदा स्थानों में से एक है जिसके आबाद […]

दक्षिण की मीरा आंडाल की भक्ति अनुकरणीय

संपूर्ण विश्व को एकता के सूत्र में पिरोने वाला स्रोत भक्ति ही है ।भक्ति देश ही नहीं वरन विश्व में समन्वय की प्रेरणा देने वाली […]

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