दो खामोश आंखें – 26 Posted on 2nd February 2011 by Yogendra Singh Chhonkar योगेन्द्र सिंह छोंकर ऊपर से एक वचन नीचे से बहु वचन बताती हैं पैजामे को पर देख लहंगे को पशोपेश में पड़ जाती हैं दो खामोश ऑंखें
साहित्य शायर कहो नज़ीर कहो आगरे का है… Yogendra Singh Chhonkar 8th September 2020 0 नजीर अकबराबादी! एक ऐसा शायर जिसकी रचनाएं अवाम की आवाज बुलन्द करती हैं। नजीर उस दौर के इकलौते शायर हैं जिनकी शायरी दरबारों के […]
साहित्य वृन्दावनस्थ वानरों से संवाद – अमनदीप वशिष्ठ Yogendra Singh Chhonkar 23rd August 2023 0 कुछ महीने पहले जब वृन्दावन जाना हुआ था तो यमुना किनारे एक बंदर ने चश्मा छीन लिया। फ्रूटी देने की औपचारिक रस्म निभाने के बाद […]
साहित्य श्रीकृष्ण के कर्मयोग की प्रेम प्रेरणा हैं श्रीराधा Yogendra Singh Chhonkar 12th September 2021 0 फोटो साभार इन्टरनेट