राधाष्टमी पर बरसाना आने से पहले जान लें यह जरूरी बातें

बरसाना में रहेगी राधा रानी के जन्म की धूम

राधा रानी के जन्मस्थान बरसाना में इन दिनों राधाष्टमी के आयोजन की धूम है। राधाष्टमी यानी वह अष्टमी जिस दिन राधा रानी का जन्मदिन है। यूं तो सारे ब्रज में राधाष्टमी की बहार देखने को मिलती है पर बरसाना इस उत्सव का केंद्र रहता है। यहां के प्रमुख और विश्वप्रसिद्ध राधारानी मंदिर में राधाष्टमी की प्रातः 5 बजे अभिषेक दर्शन होते हैं। अभिषेक दर्शन के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालु यहां उमड़ते हैं। 

कब है राधाष्टमी

राधाष्टमी इस वर्ष यानी 2021 में 14 सितंबर को पड़ेगी। पर जो लोग राधाष्टमी पर बरसाना आने की तैयारियां कर रहें हैं उन्हें यह जान लेना चाहिए कि राधाष्टमी भले ही 14 सितम्बर को है पर राधा रानी के दिव्य अभिषेक दर्शन जो वर्ष में सिर्फ एक बार होते हैं, अष्टमी की सुबह पांच बजे होते हैं। अतः राधाष्टमी पर बरसाना आने वालों को एक दिन पहले बरसाना पहुंचना चाहिए। 13 और 14 के बीच की रात बरसाना में जबरदस्त उत्सव का माहौल रहता है। स्थान-स्थान पर भजन संध्या आदि के आयोजन होते हैं जहां श्रद्धालु मस्ती में नाचते-गाते भक्ति में लीन दिखते हैं।

बरसाना में कहां रुकें

बरसाना में रुकने के लिए कई धर्मशालाएं और गेस्ट हाउस हैं। पर राधाष्टमी पर बड़ा उत्सव होने के कारण भीड़भाड़ बहुत ज्यादा रहती है। इसलिए बेहतर यही होगा कि ऑनलाइन माध्यम से पहले ही अपने ठहरने की बुकिंग करवा लें। अन्यथा की स्थिति में रूम मिलने में परेशानी हो सकती है।

बरसाना कैसे पहुंचें

बरसाना मथुरा शहर से 45 किमी दूर स्थित है। मथुरा से गोवर्धन के रास्ते बरसाना पहुंचना वर्तमान समय में सबसे उचित रहेगा। दिल्ली की ओर से एनएच संख्या 2 के रास्ते कोसीकलां पहुंच कर बरसाना पहुंचा जा सकता है। कोसीकलां से बरसाना की दूरी कुल 18 किमी है। एक अन्य पुराना और लोकप्रिय रास्ता एनएच संख्या 2 पर छाता से बरसाना पहुंचने का भी है पर वर्तमान समय में रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण के चलते यह मार्ग बंद है, अतः इस मार्ग से आना अवॉयड करें। 

निकटतम रेलवे स्टेशन की बात करें तो मथुरा जंक्शन, कोसी कलां और छाता हैं। छाता का मार्ग बंद होने के कारण वहां उतरना तो कतई उचित नहीं है। कोसीकलां से टेम्पो या जेनर्म की बसें चलती हैं उनसे आसानी से बरसाना पहुंचा जा सकता है। पर कोसी कलां रेलवे स्टेशन पर हर ट्रैन का स्टोपेज नहीं है। इसलिए ट्रैन से आने पर मथुरा जंक्शन पर उतरना सबसे अच्छा विकल्प रहेगा, यहां लगभग हर प्रमुख ट्रैन का स्टोपेज रहता है। अमूमन जंक्शन रेलवे स्टेशन से ही बरसाना के लिए जेनर्म की मिनी बसें मिल जाती हैं। अन्यथा की स्थिति में जंक्शन रेलवे स्टेशन से टेम्पो पकड़ कर नए बस स्टैंड पहुंचे और वहां से बरसाना की बस पकड़ें। 

खाने-पीने की व्यवस्था

खाने-पीने की चिंता करने की जरूरत नहीं है। मेले पर दूसरे धार्मिक स्थलों की तरह ही बरसाना में भी तमाम भंडारे संचालित होते हैं जहां मुफ्त में भोजन मिल जाता है। अगर आप खरीदकर ही खाना चाहते हैं तो कई रैस्टॉरेंट यहां मिल जाएंगे।  

कोविड प्रोटोकॉल का करें पालन

कोविड प्रोटोकॉल का पालन को लेकर प्रशासन के साफ निर्देश हैं। साथ ही सुरक्षा व सावधानी की दृष्टि से यह आवश्यक भी है कि उचित दूरी का पालन करें और मास्क लगा कर रखें। मन्दिर में प्रवेश के समय मास्क लगाना अनिवार्य है इसलिए मास्क लगाकर ही मन्दिर में प्रवेश करें।

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