दो खामोश आंखें – 3

योगेन्द्र सिंह छोंकर तेरे जाने का ख्याल मुझे दहशत नहीं देता मत समझना मैं तुम्हे दिल से नहीं लेता न होऊंगा उदास पर करूँगा तलाश […]

दो खामोश आंखें 2

योगेन्द्र सिंह छोंकर इत्तिला अपनी रवाग्नी की करते समय जो थी पीर चहरे पर तीस आवाज में लिख पाने में रहे असफल हाथ आपके दिलाते […]

जीवन दर्शन

जीवन दर्शन कंक्रीट के इस जंगल में आपाधापी के इस दंगल में आधुनिकता की होड़ में दौलत की अंधी दौड़ में आज हर इन्सान भूल […]

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